Top 5 ghalib shayri
1.इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा बना दिया,
वरना हम भी आदमी काम के थे।
2.जब तक अपने दिल में उनका ग़म रहा
हसरतों का रात दिन मातम रहा
3.इश्क़ पर जोर नहीं ये वो आतिश है ग़ालिब,
जो लगाय न लगे और बुझाय न बुझे।
4.उनके देखने से जो आ जाती है मुँह पर रौनक,
वो समझते हैं बीमार का हाल अच्छा है।
5.हमकों मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन,
दिल के खुश रखने को ग़ालिब ये खयाल अच्छा है

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